राह कैसी भी हो मुश्किल, तू चलता जा....
वक्त नहीं रुकता किसी के इन्तजार में
है वक्त जब तक तू वक्त के साथ चलता जा ||
मत सोच कि राह में कांटे बहुत होंगे
मत सोच कि अब के दांव में घाटे बहुत होंगे
अब कदम दर कदम तू संभलता जा
दृष्टि जमा अब लक्ष्य पर और चलता जा.. ||
घर के बंधन भी अकेले में तड़पाते होंगे
कभी ये नैना भी उसी की याद में आंसू बरसाते होंगे
इन आंसुओ की ढाल में भले तू ढलता जा
पर मत कर खुद को कमजोर, आगे तू चलता जा..||
कभी डगमगाते होंगे पग भविष्य की चिंता में
कभी बीती यादों में ये मन रमता होगा
डरना रमना तो होगा, जब होना होगा
अभी वर्तमान की बातों में तू चलता जा..||
है आग जब तक सीने में, तू जलता जा
राह कैसी भी हो मुश्किल, तू चलता जा....||
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