कल उन्ही हाथों में होती निश्चित सफलता है।।
है जिनके आदर्श बहुत ऊंचे और न भय आंखों में
जो होते ना अधीर न जिनके मन में विकलता है
भाग्य उन्हीं के हाथों में आकर के फलता है
कल उन्ही हाथों में होती निश्चित सफलता है।।
क्या मुश्किल है अगर राह में कोई मुश्किल आये
और विघ्न बाधाओं से ये दिल हिल जाये
यहां परिश्रम की अग्नि में जो नित जलता है
कल उन्ही हाथों में होती निश्चित सफलता है।।
संभव जैन ‘निराला’
01.01.2010(जयपुर)
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